अभय कुमार
खो गया हु ऐसा खामोशी में, फासला भी पता न चले ये दिलरुबा , रूह भी काप जाती है तेरे साथ रह के बर्तन मांजने में।
- अभय कुमार
बस तेरी याद बाकी है सिने में, दफन हो जाऊ तेरी यादो के सहारे तु खोजती रहे मुझे तंग गलियों में, जब न दिखु तो अपनी आंखे बन्द कर मुझे ढूंढ़ना अपने सीने में, दफन मिलूंगा किसी एक कोने में।
- अभय कुमार
