सब बाते है कहने की सुनता कौन किसकी है यहां

सब बाते है कहने की सुनता कौन किसकी है यहां
सब है मतलब के यार ऐसे कौन किसका बनता है,
हस्ते तो यार भी हैं मतलब से बरना साथ रोने कौन बैठता है,
वैसे दिल भी कहां सुनता है दिमाग का, बस सब बाते है।
--अभय

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